मोदी का हुआ भव्य स्वागत, जीत देशवासियों को की समर्पित
17 May 2014

 

नई दिल्ली: देश के भावी पीएम नरेन्द्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष राजनाथ सिंह के नेतृत्व में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बीजेपी मुख्यालय पर संसदीय बोर्ड की बैठक संपन्न हुई| इस दौरान बीजेपी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने फूलों की माला पहनाकर मोदी का स्वागत किया और उनका मुंह मीठा कराया| इस दौरान बैठक में मौजूद पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने भी मोदी का मुंह मीठा कराया और उज्जवल भविष्य के लिए आशीर्वाद प्रदान किया| इसके बाद अरुण जेटली, सुषमा स्वराज, मुरली मनोहर जोशी, और वेंकैया नायडू ने भी मोदी का स्वागत कर उन्हें बधाई दी|
 
बीजेपी संसदीय बोर्ड की बैठक के खत्म होने के बाद मीडिया से मुखातिब हुए बीजेपी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने सबसे पहले नरेन्द्र मोदी का अभिनंदन किया| इसके बाद बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि, मोदी ने जिस तरह से अपने अथक प्रयासों से बीजेपी के कैंपेन को आगे बढ़ाया और ऐसे मुकाम तक पहुंचाया उसके लिए बीजेपी संसदीय बोर्ड ने बहुत स्वागत किया है| राजनाथ ने बीजेपी की ऐतिहासिक जीत के लिए बीजेपी के कार्यकर्ताओं, सोशल और सांस्कृतिक संगठनों को धन्यवाद दिया| राजनाथ ने कहा कि, स्वतंत्र भारत के इतिहास में राजनीतिक पार्टियां हुईं लेकिन, कांग्रेस के राजनीतिक कद से ऊपर कोई भी नहीं जा सकी| उन्होंने कहा कि, अगर स्वतंत्र भारत के इतिहास में किसी पार्टी ने कांग्रेस पार्टी से अपना राजनीतिक कद ऊंचा करने में सफलता हासिल की है तो वो बीजेपी है और इसके श्रेय सभी देशवासियों को जाता है| राजनाथ सिंह ने कहा कि, एक सशक्त, स्वतंत्र और स्वाबलंबी भारत का निर्माण करना बीजेपी का संकल्प है|
 
इसके साथ ही राजनाथ सिंह ने जानकारी दी कि, जिन राज्यों में एसेंबली के चुनाव हुए हैं जैसे अरुणांचल प्रदेश, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना, इन राज्यों में वहां के ग्रुप लीडर तय करने के लिए ऑबजर्बर तय किए गए हैं| अरुणांचल प्रदेश के लिए राजीव प्रताप रूडी, ओडिशा के लिए प्रकाश जावडेकर, आंध्र प्रदेश के लिए रविशंकर प्रसाद और तेलंगाना के लिए जगत प्रकाश लड्ढा का नाम तय किया गया है| इसके साथ ही राजनाथ सिंह ने गुजरात में मोदी के उत्तराधिकारी के तौर पर गुजरात का सीएम नियुक्त करने को लेकर कहा कि, अब तक गुजरात के सीएम के रूप में भूमिका निभाने वाले नरेन्द्र मोदी को देश की जनता ने पीएम के रूप में स्वीकार कर लिया है इसलिए, वहां विधानमंडल दल के नेता का चुनाव करना होगा| इसके लिए बोर्ड ने मुझे नियुक्त किया है लेकिन, विधायकों का मत जानने के लिए और वहां विधानमंडल दल के नेता के इलेक्शन को करवाने के लिए बीजेपी महासचिव थावर चंद्र गहलोत को ऑबजर्बर के रूप में भेजा है और गुजरात बीजेपी के प्रभारी ओम माथुर उनका साथ देंगे| राजनाथ ने जानकारी दी कि, बोर्ड में ये भी फैसला किया है कि, 20 तारीख को 12 बजे बीजेपी संसदीय पार्टी की बैठक होगी, जिसमें पार्लियामेंट्री पार्टी के लीडर का इलेक्शन करेंगे| इसमें एनडीए के सभी घटक दलों को बुलाया जाएगा|
 
इसके साथ ही मोदी की पीएम पद की ताजपोशी यानि कि, शपथ ग्रहथ समारोह को लेकर मीडिया में चल रहे कयासों को गलत बताते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि,  शपथ ग्रहण समारोह की तारीख अभी तय नहीं हुई है| संसदीय दल का नेता चुनने के बाद ही मोदी के शपथ ग्रहण समारोह की तारीख तय की जाएगी| इसके बाद मोदी ने एक बार फिर मीडिया और देश के लोगों का आभार व्यक्त किया| इससे पहले कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बीजेपी मुख्यालय पहुंचे नरेन्द्र मोदी ने वहां मौजूद जनता को संबोधित किया| मोदी ने जनता और बीजेपी कार्यकर्ताओं का अभिवादन स्वीकार करते हुए कहा कि, दिल्ली ने इस बार के आम चुनाव में एक अभूतपूर्व पिरणाम दिया है| मैं इसके लिए दिल्ली के मतदाताओं को बधाई देता हूं| लोकसभा चुनाव में दिल्ली की सातों सीटों पर बीजेपी के उम्मीदवारों की जीत हुई है इस जीत से उत्साहित नरेन्द्र मोदी ने कहा कि, दिल्ली के लोगों को बधाई देता हूं क्योंकि, यहां के लोगों ने बीजेपी के सभी उम्मीदवारों को जिताया| मोदी ने कहा कि, लोग मानते थे कि, दिल्ली अब कभी खड़ा नहीं होगा लेकिन, कार्यकर्ताओं ने अपना खून पसीना बहाकर एक बार फिर से दिल्ली में कमल खिला दिया|
 
मोदी का दिल्ली एयरपोर्ट से लेकर बीजेपी मुख्यालय तक लोगों ने जोरदार स्वागत किया| जिसके बाद मोदी ने कहा कि, जिस गर्मजोशी से आपने मेरा स्वागत किया है मैं उसका आभारी हूं| इसके साथ ही मोदी ने अपनी जीत की श्रेय बीजेपी के कार्यकर्ताओं और देश की सवा सौ करोड़ जनता को देते हुए कहा कि, मोदी का एक व्यक्ति होने के नाते आग्रह है कि, ये विजय और ये यश मोदी के खाते में ना डाला जाए, ये बीजेपी के लाखों कार्यकर्ताओं के परिश्रम का परिणाम है| 1952 से चार-चार, पांच-पांच पीड़ियां खप गईं ये उन पीढ़ियों का पुरुश्रार्थ है| केरल में सैंकड़ों कार्यकर्ताओं को मौत के घाट उतार दिया गया ये उनकी शहादत का परिणाम है| इस विजय के सबसे पहले हकदार हैं सवा सौ करोड़ देशवासी हैं और 1952 से देश के लिए जीने की शपथ लेकर अपने आप को खपाने वाले परिवार हैं|

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